Haryana STF : अमेरिका से डिपोर्ट भारत लाया गया मोस्टवाटेंड गैंगस्टर सोमबीर मोटा, फर्जी पासपोर्ट पर हुआ था फरार

सोमबीर मोटा पर हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में हत्या के प्रयास, डकैती, और आर्म्स एक्ट के कुल 26 मामले दर्ज हैं। वह रोहतक और आसपास के इलाकों में एक बड़े गिरोह का संचालन कर रहा था।

Haryana STF :  हरियाणा में खौफ का पर्याय बन चुके ‘क्राइम सिंडिकेट’ की कमर तोड़ने के लिए कटिबद्ध स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसी बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिसने अंडरवर्ल्ड और विदेशों में शरण लिए बैठे गैंगस्टरों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

हत्या, लूट, और रंगदारी जैसे 26 संगीन मामलों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोटा को आखिरकार कानून के लंबे हाथों ने अमेरिका में दबोच लिया और उसे डिपोर्ट कर भारत ले आया गया है। मंगलवार देर रात जैसे ही सोमबीर ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कदम रखा, वहां पहले से ही मुस्तैद एसटीएफ की टीम ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। यह गिरफ्तारी केवल एक अपराधी की पकड़ भर नहीं है, बल्कि भारतीय जांच एजेंसियों की वैश्विक पहुंच, खुफिया तंत्र की मजबूती और कूटनीतिक जीत का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है।

सोमबीर मोटा की फरारी और अमेरिका तक पहुंचने की पटकथा किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं थी। जांच में सामने आए तथ्य चौंकाने वाले हैं, जिनसे पता चलता है कि सोमबीर ने कानून को चकमा देने के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी पहचान बदलकर पासपोर्ट बनवाया था।

इस फर्जी पासपोर्ट की मदद से वह सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर मुंबई पहुंचा और वहां से बैंकॉक की उड़ान भरी। बैंकॉक में कुछ समय बिताने के बाद वह अंततः अवैध रूप से अमेरिका में घुसपैठ करने में सफल रहा। इस पूरी साजिश का असली सूत्रधार उसका सगा भाई अनिल छिप्पी बताया जा रहा है। अनिल छिप्पी, जो वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, उसने जेल की सलाखों के पीछे से ही सोमबीर को सुरक्षित विदेश भेजने के लिए न केवल मोटी रकम खर्च की, बल्कि पूरा रूट मैप भी तैयार किया था।

हालांकि, सोमबीर की यह ‘विदेशी आजादी’ ज्यादा दिन नहीं चल सकी। उसे अमेरिका में अवैध रूप से सीमा पार करने और संदिग्ध गतिविधियों के कारण वहां के डिटेंशन सेंटर में डाल दिया गया, जहां वह पिछले 17 महीनों से हिरासत में था।

  हरियाणा एसटीएफ को खुफिया जानकारी मिली कि अमेरिका में पकड़ा गया व्यक्ति कोई साधारण घुसपैठिया नहीं, बल्कि हरियाणा का ‘मोस्ट वांटेड’ गैंगस्टर है। इसके बाद एसटीएफ ने गृह मंत्रालय (MHA) और सीबीआई (CBI) के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों के साथ निरंतर तालमेल बिठाया। इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस और जरूरी साक्ष्य साझा किए गए, जिसके परिणामस्वरूप उसके डिपोर्टेशन का रास्ता साफ हुआ।

सोमबीर मोटा पर हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में हत्या के प्रयास, डकैती, और आर्म्स एक्ट के कुल 26 मामले दर्ज हैं। वह रोहतक और आसपास के इलाकों में एक बड़े गिरोह का संचालन कर रहा था।

 पुलिस की मानें तो वह जेल में बंद अपने भाई के निर्देशों पर बाहर गैंग की कमान संभालता था। एसटीएफ के लिए साल 2025 और 2026 ‘ऑपरेशन डिपोर्ट’ के लिहाज से बेहद सफल रहे हैं। सोमबीर से पहले एसटीएफ मैनपाल बादल, सुरेंद्र ग्योंग, लखविंदर लाखा, कुणाल जून और नरेश नरसी जैसे पांच बड़े गैंगस्टरों को भारत की सलाखों के पीछे ला चुकी है।(Haryana STF)

एसपी एसटीएफ ने इस सफलता पर स्पष्ट संदेश दिया है कि विदेशों में छिपकर हरियाणा की शांति भंग करने वाले अपराधियों के लिए अब कहीं भी छिपने की जगह नहीं बची है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोमबीर से होने वाली पूछताछ में तिहाड़ और हरियाणा की जेलों में बंद अन्य गैंगस्टरों के ‘स्लीपर सेल्स’ और उन्हें रसद पहुंचाने वाले नेटवर्क का बड़ा खुलासा होगा।  (Haryana STF)

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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